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mahabharat 12.156.6: वायु ने कहा- सेमल! तुमने चलते हुए नारदजी से मेरी निंदा की है। मैं वायु हूँ। मैं तुम्हें अपना बल और प्रभाव दिखाऊँगा।   |   mahabharat अध्याय 12.156: नारदजीकी बात सुनकर वायुका सेमलको धमकाना और सेमलका वायुको तिरस्कृत करके विचारमग्न होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 156: नारदजीकी बात सुनकर वायुका सेमलको धमकाना और सेमलका वायुको तिरस्कृत करके विचारमग्न होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  12.156.6 
वायुरुवाच
शाल्मले नारदो गच्छंस्त्वयोक्तो मद्विगर्हणम्।
अहं वायु: प्रभावं ते दर्शयाम्यात्मनो बलम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वायु ने कहा- सेमल! तुमने चलते हुए नारदजी से मेरी निंदा की है। मैं वायु हूँ। मैं तुम्हें अपना बल और प्रभाव दिखाऊँगा।
 
Vayu said- Semal! You have criticized me to Naradji while passing by. I am Vayu. I will show you my power and influence.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)