Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.155.16-18h: चन्दन, स्यान्दन (तिनिष), शाल, सरल, देवदारु, वेतुस (बेट), धामिन तथा अन्य शक्तिशाली वृक्ष, यहाँ तक कि उन जितात्मा वृक्षों ने भी वायुदेव पर कभी इस प्रकार आक्रमण नहीं किया। मूर्ख! वे स्वयं को तथा वायु की शक्तियों को भी भली-भाँति जानते हैं; इसीलिए वे महान वृक्ष वायुदेव के आगे सिर झुकाते हैं। 16-17 1/2"   |   mahabharat अध्याय 12.155: नारदजीका सेमल-वृक्षको उसका अहंकार देखकर फटकारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 155: नारदजीका सेमल-वृक्षको उसका अहंकार देखकर फटकारना  »  श्लोक 16-18h
 
 
श्लोक  12.155.16-18h 
चन्दनै: स्यन्दनै: शालै: सरलैर्देवदारुभि:।
वेतसैर्धन्वनैश्चापि ये चान्ये बलवत्तरा:॥ १६॥
तैश्चापि नैवं दुर्बुद्धे क्षिप्तो वायु: कृतात्मभि:।
तेऽपि जानन्ति वायोश्च बलमात्मन एव च॥ १७॥
तस्मात् तं वै नमस्यन्ति श्वसनं तरुसत्तमा:।
 
 
अनुवाद
चन्दन, स्यान्दन (तिनिष), शाल, सरल, देवदारु, वेतुस (बेट), धामिन तथा अन्य शक्तिशाली वृक्ष, यहाँ तक कि उन जितात्मा वृक्षों ने भी वायुदेव पर कभी इस प्रकार आक्रमण नहीं किया। मूर्ख! वे स्वयं को तथा वायु की शक्तियों को भी भली-भाँति जानते हैं; इसीलिए वे महान वृक्ष वायुदेव के आगे सिर झुकाते हैं। 16-17 1/2"
 
Sandalwood, Syandan (Tinish), Shaal, Saral, Devdaru, Vetus (Bet), Dhamin and other powerful trees, even those Jitatma trees have never attacked Vayudev in this way. Fool! They also know themselves and the forces of the wind very well; That is why those great trees bow their heads before Vayudev. 16-17 1/2"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)