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mahabharat 12.154.19: ‘शालमेले! ये गर्जने वाले हाथी अपने युवा समूह से सुशोभित होकर, गर्मी से पीड़ित होकर, आपके पास आकर शान्ति पाते हैं॥19॥   |   mahabharat अध्याय 12.154: नारदजीका सेमल-वृक्षसे प्रशंसापूर्वक प्रश्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 154: नारदजीका सेमल-वृक्षसे प्रशंसापूर्वक प्रश्न  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.154.19 
तथेमे गर्जिता नागा: स्वयूथकुलशोभिता:।
घर्मार्तास्त्वां समासाद्य सुखं विन्दन्ति शाल्मले॥ १९॥
 
 
अनुवाद
‘शालमेले! ये गर्जने वाले हाथी अपने युवा समूह से सुशोभित होकर, गर्मी से पीड़ित होकर, आपके पास आकर शान्ति पाते हैं॥19॥
 
‘Shalamele! Adorned with their youthful clan, these roaring elephants, afflicted by the heat, come to you and find solace.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)