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mahabharat 12.152.21: परंतु कुछ राजा बर्फ के समान शीतल होते हैं, कुछ अग्नि के समान गर्म होते हैं, कुछ यमराज के समान भयानक दिखाई देते हैं, कुछ दुष्टों का समूल नाश करने वाले तृण के समान होते हैं और कुछ वज्र के समान पापियों पर अचानक आक्रमण कर देते हैं ॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 12.152: इन्द्रोतका जनमेजयको धर्मोपदेश करके उनसे अश्वमेधयज्ञका अनुष्ठान कराना तथा निष्पाप राजाका पुन: अपने राज्यमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 152: इन्द्रोतका जनमेजयको धर्मोपदेश करके उनसे अश्वमेधयज्ञका अनुष्ठान कराना तथा निष्पाप राजाका पुन: अपने राज्यमें प्रवेश  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  12.152.21 
हिमाग्निघोरसदृशो राजा भवति कश्चन।
लांगलाशनिकल्पो वा भवेदन्य: परंतप॥ २१॥
 
 
अनुवाद
परंतु कुछ राजा बर्फ के समान शीतल होते हैं, कुछ अग्नि के समान गर्म होते हैं, कुछ यमराज के समान भयानक दिखाई देते हैं, कुछ दुष्टों का समूल नाश करने वाले तृण के समान होते हैं और कुछ वज्र के समान पापियों पर अचानक आक्रमण कर देते हैं ॥ 21॥
 
But some kings are as cool as ice, some are as hot as fire, some appear as terrifying as Yamaraja, some are like a blade of grass-uprooter who completely eradicates the wicked and some suddenly attack the sinners like a thunderbolt. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)