Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.151.8: जो क्षत्रिय अपने पापों के कारण यज्ञ करने के अधिकार से वंचित रहते हैं, वे पुलिन्द और शबर के समान नरक में रहते हैं। उन्हें परलोक में किसी भी प्रकार उत्तम गति प्राप्त नहीं होती। 8. | mahabharat अध्याय 12.151: ब्रह्महत्याके अपराधी जनमेजयका इन्द्रोत मुनिकी शरणमें जाना और इन्द्रोत मुनिका उससे ब्राह्मणद्रोह न करनेकी प्रतिज्ञा कराकर उसे शरण देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो क्षत्रिय अपने पापों के कारण यज्ञ करने के अधिकार से वंचित रहते हैं, वे पुलिन्द और शबर के समान नरक में रहते हैं। उन्हें परलोक में किसी भी प्रकार उत्तम गति प्राप्त नहीं होती। 8.
‘Those Kshatriyas who are deprived of the right to perform Yagya due to their sins, remain in hell like Pulindas and Shabars. They do not get the best destination in the next world in any way. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥