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mahabharat 12.151.6-7: यदि ब्राह्मण हमें शाप दे दें, तो हमारे कुल का कुछ भी शेष न रहेगा। अपने पापों के कारण न तो हमें समाज में प्रशंसा मिल रही है, न ही हम अपने बन्धु-बान्धवों से सहमत हो पा रहे हैं। अतः हम अत्यन्त दुःखी और विरक्त होकर आप जैसे वेदों के निश्चित ज्ञान वाले ब्राह्मणों से सदैव यही कहा करेंगे कि जिस प्रकार निर्जन स्थानों में रहने वाले योगीजन पापियों की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार आप लोग भी अपनी कृपा से हम जैसे दुःखी लोगों की रक्षा करें।'   |   mahabharat अध्याय 12.151: ब्रह्महत्याके अपराधी जनमेजयका इन्द्रोत मुनिकी शरणमें जाना और इन्द्रोत मुनिका उससे ब्राह्मणद्रोह न करनेकी प्रतिज्ञा कराकर उसे शरण देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 151: ब्रह्महत्याके अपराधी जनमेजयका इन्द्रोत मुनिकी शरणमें जाना और इन्द्रोत मुनिका उससे ब्राह्मणद्रोह न करनेकी प्रतिज्ञा कराकर उसे शरण देना  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  12.151.6-7 
न हि नो ब्रह्मशप्तानां शेषं भवितुमर्हति।
स्तुतीरलभमानानां संविदं वेदनिश्चितान्॥ ६॥
निर्विद्यमान: सुभृशं भूयो वक्ष्यामि शाश्वतम्।
भूयश्चैवाभिरक्षन्तु निर्धनान् निर्जना इव॥ ७॥
 
 
अनुवाद
यदि ब्राह्मण हमें शाप दे दें, तो हमारे कुल का कुछ भी शेष न रहेगा। अपने पापों के कारण न तो हमें समाज में प्रशंसा मिल रही है, न ही हम अपने बन्धु-बान्धवों से सहमत हो पा रहे हैं। अतः हम अत्यन्त दुःखी और विरक्त होकर आप जैसे वेदों के निश्चित ज्ञान वाले ब्राह्मणों से सदैव यही कहा करेंगे कि जिस प्रकार निर्जन स्थानों में रहने वाले योगीजन पापियों की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार आप लोग भी अपनी कृपा से हम जैसे दुःखी लोगों की रक्षा करें।'
 
‘If the Brahmins curse us, nothing will remain of our clan. Due to our sins, we are neither getting praise in the society nor are we able to agree with our fellow caste people. Therefore, feeling very sad and detached, we will again always tell Brahmins like you who have the definite knowledge of the Vedas that just as Yogis living in isolated places protect sinful people, in the same way you people should protect the suffering people like us by your mercy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)