Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.150.3: प्राचीन काल में परीक्षित के पुत्र राजा जनमेजय बहुत शक्तिशाली थे; किन्तु अनजाने में ही उन्होंने एक ब्राह्मण की हत्या का पाप कर दिया था।   |   mahabharat अध्याय 12.150: इन्द्रोत मुनिका राजा जनमेजयको फटकारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 150: इन्द्रोत मुनिका राजा जनमेजयको फटकारना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.150.3 
आसीद् राजा महावीर्य: परिक्षिज्जनमेजय:।
अबुद्धिपूर्वामागच्छद् ब्रह्महत्यां महीपति:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में परीक्षित के पुत्र राजा जनमेजय बहुत शक्तिशाली थे; किन्तु अनजाने में ही उन्होंने एक ब्राह्मण की हत्या का पाप कर दिया था।
 
In ancient times, King Janamejaya, son of Parikshit, was very powerful; but without knowing it he had committed the sin of killing a brahmin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)