Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.150.15: परन्तु तुम्हारे कारण तुम्हारे पूर्वजों का यह समुदाय नरक में गिर गया है। अपनी आँखें उठाकर उनकी दशा देखो। तुम्हारी ओर से उनकी जो आशाएँ थीं, वे सब आज नष्ट हो गईं॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.150: इन्द्रोत मुनिका राजा जनमेजयको फटकारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पितृवंशमिमं पश्य त्वत्कृते नरकं गतम्।
निरर्था: सर्व एवैषामाशाबन्धास्त्वदाश्रया:॥ १५॥
अनुवाद
परन्तु तुम्हारे कारण तुम्हारे पूर्वजों का यह समुदाय नरक में गिर गया है। अपनी आँखें उठाकर उनकी दशा देखो। तुम्हारी ओर से उनकी जो आशाएँ थीं, वे सब आज नष्ट हो गईं॥15॥
‘But because of you, this community of your forefathers has fallen into hell. Lift up your eyes and see their condition. All the hopes they had from you have been wasted today.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥