Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.15.50: ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसमें केवल गुण ही गुण हों। ऐसी भी कोई वस्तु नहीं है जो सर्वथा गुणों से रहित हो। सभी कार्यों में अच्छाई और बुराई दोनों ही देखी जाती हैं ॥50॥   |   mahabharat अध्याय 12.15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  12.15.50 
नात्यन्तं गुणवत् किंचिन्न चाप्यत्यन्तनिर्गुणम्।
उभयं सर्वकार्येषु दृश्यते साध्वसाधु वा॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसमें केवल गुण ही गुण हों। ऐसी भी कोई वस्तु नहीं है जो सर्वथा गुणों से रहित हो। सभी कार्यों में अच्छाई और बुराई दोनों ही देखी जाती हैं ॥50॥
 
There is no such thing which has only qualities. There is also no such thing which is completely devoid of qualities. Both good and bad are seen in all actions. ॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)