हवि: श्वा प्रलिहेद् दृष्ट्वा दण्डश्चेन्नोद्यतो भवेत्।
हरेत् काक: पुरोडाशं यदि दण्डो न पालयेत्॥ ४५॥
अनुवाद
यदि दण्ड सदैव रक्षा करने के लिए तत्पर न हो, तो कुत्ता हविष्य को देखते ही चाट जाएगा और यदि दण्ड रक्षा न करे, तो कौआ पुरोडाश ले जाएगा ॥45॥
If the punishment is not always ready to protect, then the dog will lick the future as soon as it sees it, and if the punishment does not protect, then the crow will take away the purodash. 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥