श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  12.15.40 
चरेयुर्नाश्रमे धर्मं यथोक्तं विधिमाश्रिता:।
न विद्यां प्राप्नुयात् कश्चिद् यदिदण्डो न पालयेत्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
यदि दण्ड मर्यादा का पालन न किया जाए तो आश्रमों में रहने वाले लोग शास्त्रविहित धर्म का पालन नहीं करेंगे और न ही ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे ॥40॥
 
If the Danda Maryaada (penal code) is not followed then the people living in the ashrams will not follow the Dharma prescribed in the scriptures and will not be able to acquire any knowledge. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)