न ब्रह्मचार्यधीयीत कल्याणी गौर्न दुह्यते।
न कन्योद्वहनं गच्छेद् यदि दण्डो न पालयेत् ॥ ३७॥
अनुवाद
यदि दण्ड से मर्यादा की रक्षा न हो तो ब्रह्मचारी वेदों का अध्ययन नहीं करेगा, साधारण गाय का दूध नहीं निकाला जाएगा और कन्या का विवाह नहीं होगा। 37.
If punishment does not protect dignity then a celibate will not engage in the study of the Vedas, a simple cow will not be milked and a girl will not get married. 37.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥