Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.15.33: जो नास्तिक लोग धर्म की मर्यादा को नष्ट करते हैं और वेदों की निन्दा करते हैं, वे भी पीड़ा से पीटे जाने पर शीघ्र ही सही मार्ग पर आ जाते हैं और मर्यादा का पालन करने के लिए तत्पर हो जाते हैं ॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 12.15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो नास्तिक लोग धर्म की मर्यादा को नष्ट करते हैं और वेदों की निन्दा करते हैं, वे भी पीड़ा से पीटे जाने पर शीघ्र ही सही मार्ग पर आ जाते हैं और मर्यादा का पालन करने के लिए तत्पर हो जाते हैं ॥ 33॥
Even those atheists who destroy the decorum of religion and criticise the Vedas, when beaten with pain, soon come back on the right track and become ready to follow the decorum. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥