Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.15.26: ऐसे सूक्ष्म योनियों के अनेक प्राणी हैं, जिन्हें केवल अनुमान से ही जाना जा सकता है। मनुष्य की पलकें गिरने मात्र से उनके कंधे टूट सकते हैं (ऐसे प्राणियों की हिंसा से मनुष्य कब तक बच सकता है?)॥26॥ | mahabharat अध्याय 12.15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसे सूक्ष्म योनियों के अनेक प्राणी हैं, जिन्हें केवल अनुमान से ही जाना जा सकता है। मनुष्य की पलकें गिरने मात्र से उनके कंधे टूट सकते हैं (ऐसे प्राणियों की हिंसा से मनुष्य कब तक बच सकता है?)॥26॥
There are many such creatures of subtle species which can be known only by guesswork. Their shoulders can break by the mere fall of a human's eyelids (how long can one escape violence against such creatures?)॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥