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mahabharat 12.15.22: लेकिन इंसान सबको मारकर खा जाता है। देखो, कैसा ज़माना आ गया है? ये सारा सजीव-निर्जीव संसार ही जीवन का भोजन है।   |   mahabharat अध्याय 12.15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.15.22 
तानत्ति पुरुष: सर्वान् पश्य कालो यथागत:।
प्राणस्यान्नमिदं सर्वं जङ्गमं स्थावरं च यत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
लेकिन इंसान सबको मारकर खा जाता है। देखो, कैसा ज़माना आ गया है? ये सारा सजीव-निर्जीव संसार ही जीवन का भोजन है।
 
But man kills and eats all of them. Look, what kind of times have come? This entire animate and inanimate world is food for life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)