Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.15.2: अर्जुन बोले, "हे राजन! दण्ड ही समस्त प्रजा पर शासन करता है, दण्ड ही सब ओर से उनकी रक्षा करता है। जब सब लोग सो जाते हैं, तब भी दण्ड ही जागता रहता है; इसीलिए विद्वानों ने दण्ड को राजा का कर्तव्य माना है।" | mahabharat अध्याय 12.15: अर्जुनके द्वारा राजदण्डकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन बोले, "हे राजन! दण्ड ही समस्त प्रजा पर शासन करता है, दण्ड ही सब ओर से उनकी रक्षा करता है। जब सब लोग सो जाते हैं, तब भी दण्ड ही जागता रहता है; इसीलिए विद्वानों ने दण्ड को राजा का कर्तव्य माना है।"
Arjun said, "O King! Punishment governs all subjects, it is punishment that protects them from all sides. It remains awake even when everyone is asleep; that is why learned men have accepted punishment as the duty of a king.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥