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mahabharat 12.146.8: इसलिये तू अपनी बात मुझे विश्वासपूर्वक बता, जो कुछ तू अपने मुख से कहेगी, वही मैं करूँगा; इसलिये तू मन में शोक न कर॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.146: कबूतरके द्वारा अतिथि-सत्कार और अपने शरीरका बहेलियेके लिये परित्याग   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 146: कबूतरके द्वारा अतिथि-सत्कार और अपने शरीरका बहेलियेके लिये परित्याग  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.146.8 
तद् ब्रूहि मां सुविश्रब्धो यत् त्वं वाचा वदिष्यसि।
तत् करिष्याम्यहं सर्वं मा त्वं शोके मन: कृथा:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इसलिये तू अपनी बात मुझे विश्वासपूर्वक बता, जो कुछ तू अपने मुख से कहेगी, वही मैं करूँगा; इसलिये तू मन में शोक न कर॥8॥
 
‘Therefore tell me your matter with full faith, whatever you say with your mouth, I will do that; therefore do not grieve in your heart.’॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)