श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 143: शरणागतकी रक्षा करनेके विषयमें एक बहेलिये और कपोत-कपोतीका प्रसंग, सर्दीसे पीड़ित हुए बहेलियेका एक वृक्षके नीचे जाकर सोना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.143.3 
शिबिप्रभृतयो राजन् राजान: शरणागतान्।
परिपाल्य महात्मान: संसिद्धिं परमां गता:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! शिबि जैसे महान राजाओं ने शरणागतों की रक्षा करके परम सफलता प्राप्त की थी।
 
King! Great kings like Shibi had achieved supreme success by protecting those who sought refuge.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)