स तु शीतहतैर्गात्रैर्न जगाम न तस्थिवान्।
ददर्श पतितां भूमौ कपोतीं शीतविह्वलाम्॥ २५॥
अनुवाद
शिकारी का पूरा शरीर ठंड से काँप रहा था। इसलिए वह न तो चल पा रहा था और न ही खड़ा हो पा रहा था। इसी हालत में उसने ज़मीन पर पड़ा एक कबूतर देखा, जो ठंड से तड़प रहा था।
The hunter's entire body was shivering due to cold. Therefore he was unable to walk or stand. In this condition he saw a pigeon lying on the ground, which was suffering due to the pain of cold. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥