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बुद्धिसंजननो धर्म आचारश्च सतां सदा।
ज्ञेयो भवति कौरव्य सदा तद् विद्धि मे वच:॥ ५॥
अनुवाद
कुरुनन्दन! सत्पुरुषों का धर्म और आचरण - ये बुद्धि से ही प्रकट होते हैं और बुद्धि से ही सदा जाने जाते हैं। कृपया मेरी बात को अच्छी तरह समझ लीजिए।
Kurunandan! Religion and conduct of good men - these are revealed only by the intellect and are always known by it. Please understand my point very well.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥