Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.142.31: जो राजा अच्छे कर्मों से रहित, न्याय से रहित तथा अपने कार्यों को पूरा करने के साधनों से अनभिज्ञ व्यक्ति को अपना सचिव बनाता है, वह नपुंसक क्षत्रिय है। | mahabharat अध्याय 12.142: आपात्कालमें राजाके धर्मका निश्चय तथा उत्तम ब्राह्मणोंके सेवनका आदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो राजा अच्छे कर्मों से रहित, न्याय से रहित तथा अपने कार्यों को पूरा करने के साधनों से अनभिज्ञ व्यक्ति को अपना सचिव बनाता है, वह नपुंसक क्षत्रिय है।
The king who appoints as his secretary a man who is devoid of good deeds, is devoid of justice and is ignorant of the means of accomplishing his tasks is an impotent Kshatriya. 31.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥