Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.142.15: जिनका शस्त्र वाणी है और जिनकी वाणी बाण के समान है, वे विद्या के फल अर्थात् सच्चे ज्ञान का विरोध करते हैं। ऐसे लोग दूसरों की विद्या की निन्दा करते हैं और अपनी विद्या की अच्छाई का मिथ्या प्रचार करते हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 12.142: आपात्कालमें राजाके धर्मका निश्चय तथा उत्तम ब्राह्मणोंके सेवनका आदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनका शस्त्र वाणी है और जिनकी वाणी बाण के समान है, वे विद्या के फल अर्थात् सच्चे ज्ञान का विरोध करते हैं। ऐसे लोग दूसरों की विद्या की निन्दा करते हैं और अपनी विद्या की अच्छाई का मिथ्या प्रचार करते हैं॥ 15॥
Those whose weapon is speech and whose speech is like an arrow, they rebel against the fruit of learning i.e. the true knowledge. Such people criticize the learning of others and falsely propagate the goodness of their own learning.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥