Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.94: उसी समय उसके मन में यह विचार आया कि पहले वह कुत्ते की जांघ का मांस देवताओं को विधिपूर्वक अर्पण करेगा और उन्हें तृप्त करके इच्छानुसार खाएगा ॥94॥ | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी समय उसके मन में यह विचार आया कि पहले वह कुत्ते की जांघ का मांस देवताओं को विधिपूर्वक अर्पण करेगा और उन्हें तृप्त करके इच्छानुसार खाएगा ॥94॥
At that very moment the thought came into his mind that he would first offer the meat of the dog's thigh to the gods in a proper manner and after satisfying them, he would eat it as per his wish. ॥94॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥