Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.85: चाण्डाल ने कहा, "ब्राह्मण! मैं तुम्हें यह अभक्ष्य वस्तु नहीं दे सकता और मैं यह भी नहीं भूल सकता कि तुम मेरा अन्न चुरा लो। मैं जो इसे देता हूँ और तुम जो इसे लेते हो, दोनों ही पापी होकर नरक में गिरेंगे।" 85 | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चाण्डाल ने कहा, "ब्राह्मण! मैं तुम्हें यह अभक्ष्य वस्तु नहीं दे सकता और मैं यह भी नहीं भूल सकता कि तुम मेरा अन्न चुरा लो। मैं जो इसे देता हूँ और तुम जो इसे लेते हो, दोनों ही पापी होकर नरक में गिरेंगे।" 85
The Chandala said, "Brahmin! I cannot give you this inedible thing and I cannot even ignore that you may steal my food. I who give it and you who take it, both will be sinful and fall in hell." 85
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥