Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.84: विश्वामित्र बोले—भैया! यदि आप मेरे हितैषी हैं और मुझे सुखी करना चाहते हैं, तो मुझे इस विपत्ति से बचाइए। मैं अपना धर्म जानता हूँ। आप मुझे यह कुत्ते की जाँघ दे दीजिए। | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विश्वामित्र बोले—भैया! यदि आप मेरे हितैषी हैं और मुझे सुखी करना चाहते हैं, तो मुझे इस विपत्ति से बचाइए। मैं अपना धर्म जानता हूँ। आप मुझे यह कुत्ते की जाँघ दे दीजिए।
Vishwamitra said—Brother! If you are my well-wisher and want to make me happy, then save me from this calamity. I know my Dharma. You just give me this dog's thigh. 84.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥