Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.73: विश्वामित्र बोले, "शीलवान पुरुष ही धर्म के आचरण के कारण हैं। मैं उन्हीं के आचरण का पालन करता हूँ; इसलिए मैं इस कुत्ते की जांघ को पवित्र भोजन के समान खाने योग्य मानता हूँ।" 73. | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विश्वामित्र बोले, "शीलवान पुरुष ही धर्म के आचरण के कारण हैं। मैं उन्हीं के आचरण का पालन करता हूँ; इसलिए मैं इस कुत्ते की जांघ को पवित्र भोजन के समान खाने योग्य मानता हूँ।" 73.
Vishwamitra said, "It is the courteous men who are the cause of the practice of Dharma. I follow their conduct only; therefore I consider this dog's thigh to be as edible as sacred food." 73.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥