Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.63: भूख से मरते हुए व्यक्ति को चाहिए कि वह किसी भी उपाय या कर्म से अपने प्राण बचा ले; फिर जब वह समर्थ हो जाए तो धर्म के मार्ग पर चल सकता है। | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूख से मरते हुए व्यक्ति को चाहिए कि वह किसी भी उपाय या कर्म से अपने प्राण बचा ले; फिर जब वह समर्थ हो जाए तो धर्म के मार्ग पर चल सकता है।
'A person who is dying of hunger should save his life by whatever means or actions possible; then, when he is able, he can follow the path of Dharma. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥