Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.141.61: भरतश्रेष्ठ! नरेश्वर! चाण्डाल के ऐसा कहने पर भूख से पीड़ित हुए महामुनि विश्वामित्र ने उसे इस प्रकार उत्तर दिया-॥61॥   |   mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  12.141.61 
विश्वामित्रस्ततो राजन्नित्युक्तो भरतर्षभ।
क्षुधार्त: प्रत्युवाचेदं पुनरेव महामुनि:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! नरेश्वर! चाण्डाल के ऐसा कहने पर भूख से पीड़ित हुए महामुनि विश्वामित्र ने उसे इस प्रकार उत्तर दिया-॥61॥
 
Bharatshrestha! Nareshwar! When Chandala said this, the great sage Vishwamitra, who was suffering from hunger, replied to him in this way -॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)