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mahabharat 12.141.15: इन्द्र ने वर्षा बंद कर दी थी, बृहस्पति वक्री हो गए थे, चन्द्रमा विकृत होकर दक्षिण दिशा की ओर चले गए थे ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.141.15 
न ववर्ष सहस्राक्ष: प्रतिलोमोऽभवद् गुरु:।
जगाम दक्षिणं मार्गं सोमो व्यावृत्तलक्षण:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने वर्षा बंद कर दी थी, बृहस्पति वक्री हो गए थे, चन्द्रमा विकृत होकर दक्षिण दिशा की ओर चले गए थे ॥15॥
 
Indra had stopped the rains, Jupiter had become retrograde, the Moon had become distorted and had moved towards the south. ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)