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mahabharat 12.141.14: त्रेतायुग लगभग बीत चुका था और द्वापरयुग का आगमन होने वाला था। जनसंख्या बहुत बढ़ गई थी और वर्षा बंद हो जाने से प्रलयकाल आ गया था ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.141.14 
प्रजानामतिवृद्धानां युगान्ते समुपस्थिते।
त्रेताविमोक्षसमये द्वापरप्रतिपादने॥ १४॥
 
 
अनुवाद
त्रेतायुग लगभग बीत चुका था और द्वापरयुग का आगमन होने वाला था। जनसंख्या बहुत बढ़ गई थी और वर्षा बंद हो जाने से प्रलयकाल आ गया था ॥14॥
 
The Treta-yuga had almost passed and the Dvapara-yuga was about to commence. The population had increased considerably, and due to the cessation of rains a kind of doomsday had arrived for them. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)