Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.141.10: हे भरतश्रेष्ठ! मैं सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग - इन सबका मूल कारण राजा ही मानता हूँ। इसकी सत्यता में मुझे कोई संदेह नहीं है॥10॥   |   mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.141.10 
कृतं त्रेतां द्वापरं च कलिश्च भरतर्षभ।
राजमूला इति मतिर्मम नास्त्यत्र संशय:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! मैं सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग - इन सबका मूल कारण राजा ही मानता हूँ। इसकी सत्यता में मुझे कोई संदेह नहीं है॥10॥
 
O best of the Bharatas! I think that the root cause of all these - Satyayuga, Treta, Dwapara and Kaliyuga - is the king. I have no doubt about its truth.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)