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mahabharat 12.140.63: यदि कोई तुमसे अधिक वीर हो तो उसे हाथ जोड़कर वश में कर लो, यदि कोई डरपोक हो तो उसे वश में कर लो, यदि कोई लोभी व्यक्ति को धन देकर वश में कर लो, यदि कोई तुम्हारे समान हो तो उसके विरुद्ध युद्ध करो॥ 63॥   |   mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  12.140.63 
शूरमञ्जलिपातेन भीरुं भेदेन भेदयेत्।
लुब्धमर्थप्रदानेन समं तुल्येन विग्रह:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
यदि कोई तुमसे अधिक वीर हो तो उसे हाथ जोड़कर वश में कर लो, यदि कोई डरपोक हो तो उसे वश में कर लो, यदि कोई लोभी व्यक्ति को धन देकर वश में कर लो, यदि कोई तुम्हारे समान हो तो उसके विरुद्ध युद्ध करो॥ 63॥
 
'If someone is braver than you, subdue him with folded hands, if someone is timid, subdue him, if a greedy person is controlled by giving him money, if someone is equal to you, wage war against him.॥ 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)