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mahabharat 12.140.61: शत्रु के राष्ट्र को लोगों को मारकर, सड़कें तोड़कर और घरों को नष्ट करके नष्ट कर देना चाहिए ॥ 61॥   |   mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  12.140.61 
वधेन च मनुष्याणां मार्गाणां दूषणेन च।
अगाराणां विनाशैश्च परराष्ट्रं विनाशयेत्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
शत्रु के राष्ट्र को लोगों को मारकर, सड़कें तोड़कर और घरों को नष्ट करके नष्ट कर देना चाहिए ॥ 61॥
 
‘The enemy's nation should be destroyed by killing people, breaking roads and destroying houses.॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)