Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.140.25: राजा को बगुले के समान एकाग्रचित्त होकर अपने कर्तव्यों का विचार करना चाहिए। सिंह के समान वीरता दिखानी चाहिए। भेड़िये के समान अचानक आक्रमण करना चाहिए और शत्रुओं का धन लूटकर उन पर बाण के समान प्रहार करना चाहिए॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.140.25 
बकवच्चिन्तयेदर्थान् सिंहवच्च पराक्रमेत्।
वृकवच्चावलुम्पेत शरवच्च विनिष्पतेत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राजा को बगुले के समान एकाग्रचित्त होकर अपने कर्तव्यों का विचार करना चाहिए। सिंह के समान वीरता दिखानी चाहिए। भेड़िये के समान अचानक आक्रमण करना चाहिए और शत्रुओं का धन लूटकर उन पर बाण के समान प्रहार करना चाहिए॥ 25॥
 
‘The king should concentrate like a heron and think about his duties. He should display valour like a lion. He should suddenly attack like a wolf and loot the wealth of his enemies and attack them like an arrow.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)