Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.140.23: ‘जो लोग आलसी, कायर, अभिमानी, लोकमत से भयभीत और सदैव उचित समय की प्रतीक्षा में रहते हैं, ऐसे लोग अपने इच्छित लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते।॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नालसा: प्राप्नुवन्त्यर्थान् न क्लीबा नाभिमानिन:।
न च लोकरवाद् भीता न वै शश्वत् प्रतीक्षिण:॥ २३॥
अनुवाद
‘जो लोग आलसी, कायर, अभिमानी, लोकमत से भयभीत और सदैव उचित समय की प्रतीक्षा में रहते हैं, ऐसे लोग अपने इच्छित लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते।॥ 23॥
‘Those who are lazy, cowardly, arrogant, afraid of public opinion and always waiting for the right time, such people cannot achieve their desired goals.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥