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mahabharat 12.14.37-38h: हे राजन! जिस प्रकार मान्धाता और अम्बरीष समस्त लोकों के राजाओं में प्रतिष्ठित थे, उसी प्रकार आप भी सुशोभित हो रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.14: द्रौपदीका युधिष्ठिरको राजदण्डधारणपूर्वक पृथ्वीका शासन करनेके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.14.37-38h 
यथाऽऽस्तां सम्मतौ राज्ञां पृथिव्यां राजसत्तम॥ ३७॥
मान्धाता चाम्बरीषश्च तथा राजन् विराजसे।
 
 
अनुवाद
हे राजन! जिस प्रकार मान्धाता और अम्बरीष समस्त लोकों के राजाओं में प्रतिष्ठित थे, उसी प्रकार आप भी सुशोभित हो रहे हैं।
 
O best of kings! Just as Mandhaata and Ambarish were respected among all the kings of the world, O King! In the same way you too are being decorated. 37 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)