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mahabharat 12.14.33: नरेश्वर! यदि तुम्हारे भाई पागल न हो गए होते, तो वे नास्तिकों के साथ तुम्हें भी बाँधकर स्वयं इस वसुधा पर शासन करते॥33॥   |   mahabharat अध्याय 12.14: द्रौपदीका युधिष्ठिरको राजदण्डधारणपूर्वक पृथ्वीका शासन करनेके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.14.33 
यदि हि स्युरनुन्मत्ता भ्रातरस्ते नराधिप।
बद्‍ध्वा त्वां नास्तिकै: सार्धं प्रशासेयुर्वसुन्धराम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! यदि तुम्हारे भाई पागल न हो गए होते, तो वे नास्तिकों के साथ तुम्हें भी बाँधकर स्वयं इस वसुधा पर शासन करते॥33॥
 
Nareshwar! If your brothers had not gone mad, they would have tied you along with the atheists and ruled this Vasudha themselves. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)