Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.139.97: श्रेष्ठ राजा वह है जिसका शासन सुदृढ़ हो और जिसके राज्य में अत्याचार न हो, किसी प्रकार का भय न हो, जो दीनों का पालन करता हो और जो अपनी प्रजा के साथ सदैव पालक-पालक का संबंध रखता हो।॥ 97॥ | mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत्र नास्ति बलात्कार: स राजा तीव्रशासन:।
भीरेव नास्ति सम्बन्धो दरिद्रं यो बुभूषते॥ ९७॥
अनुवाद
श्रेष्ठ राजा वह है जिसका शासन सुदृढ़ हो और जिसके राज्य में अत्याचार न हो, किसी प्रकार का भय न हो, जो दीनों का पालन करता हो और जो अपनी प्रजा के साथ सदैव पालक-पालक का संबंध रखता हो।॥ 97॥
The best king is one who has a strong rule and in whose kingdom there is no oppression, there is no fear of any kind, who takes care of the poor and who always maintains a guardian-guardian relationship with his subjects.॥ 97॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥