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mahabharat 12.139.92: हे राजन! मैंने आपके पुत्र के साथ दुष्टता का व्यवहार किया है, इसलिए अब मैं यहाँ रहने का साहस नहीं कर सकती; मैं कहीं और चली जाऊँगी॥ 92॥   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.92 
तस्मादन्यत्र यास्यामि वस्तुं नाहमिहोत्सहे।
कृतमेतदनार्यं मे तव पुत्रे च पार्थिव॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! मैंने आपके पुत्र के साथ दुष्टता का व्यवहार किया है, इसलिए अब मैं यहाँ रहने का साहस नहीं कर सकती; मैं कहीं और चली जाऊँगी॥ 92॥
 
O king! I have behaved wickedly with your son, therefore I cannot dare to stay here any longer; I will go somewhere else.॥ 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)