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mahabharat 12.139.91: यदि तुम्हारा जन्मस्थान रोग और अकाल से पीड़ित हो, तो आत्मरक्षा के लिए तुम्हें उस स्थान को छोड़ देना चाहिए अथवा अन्यत्र जाकर रहना चाहिए। यदि तुम्हें वहाँ रहना ही है, तो वहाँ सदैव सम्मानपूर्वक रहना चाहिए। ॥91॥   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  12.139.91 
उत्पतेत् सहजाद् देशाद् व्याधिदुर्भिक्षपीडितात्।
अन्यत्र वस्तुं गच्छेद् वा वसेद् वा नित्यमानित:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम्हारा जन्मस्थान रोग और अकाल से पीड़ित हो, तो आत्मरक्षा के लिए तुम्हें उस स्थान को छोड़ देना चाहिए अथवा अन्यत्र जाकर रहना चाहिए। यदि तुम्हें वहाँ रहना ही है, तो वहाँ सदैव सम्मानपूर्वक रहना चाहिए। ॥91॥
 
If your birthplace is suffering from disease and famine, then for self-defense you should leave that place or go to live elsewhere. If you have to live there, then you should always live there with respect. ॥91॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)