Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.139.90: बुद्धि के अपने विरुद्ध जाने के कारण ही अन्य बहुत से मनुष्य अपने घर, खेत, मित्र और देश के लिए चिन्तित रहते हैं और हर समय दुःखी रहते हैं ॥90॥ | mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धि के अपने विरुद्ध जाने के कारण ही अन्य बहुत से मनुष्य अपने घर, खेत, मित्र और देश के लिए चिन्तित रहते हैं और हर समय दुःखी रहते हैं ॥90॥
Due to the intellect going against itself, many other people remain worried about their homes, fields, friends, and their country and remain unhappy all the time. ॥90॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥