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mahabharat 12.139.9: वह एक फल अपने बच्चे के पोषण के लिए उसे देती और दूसरा फल राजा के पुत्र के पोषण के लिए राजकुमार को देती ॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.9 
पुष्टॺर्थं च स्वपुत्रस्य राजपुत्रस्य चैव ह।
फलमेकं सुतायादाद् राजपुत्राय चापरम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह एक फल अपने बच्चे के पोषण के लिए उसे देती और दूसरा फल राजा के पुत्र के पोषण के लिए राजकुमार को देती ॥9॥
 
She would give one fruit to him for the nourishment of her child and offer the other fruit to the prince for the nourishment of the king's son.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)