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mahabharat 12.139.8: आकाश में उड़ने वाला वह कृतज्ञ और पूज्य पक्षी प्रतिदिन समुद्र के किनारे जाता और वहाँ से उन दोनों बालकों के लिए दो फल ले आता।   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.8 
तयोरर्थे कृतज्ञा सा खेचरी पूजनी सदा।
समुद्रतीरं सा गत्वा आजहार फलद्वयम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
आकाश में उड़ने वाला वह कृतज्ञ और पूज्य पक्षी प्रतिदिन समुद्र के किनारे जाता और वहाँ से उन दोनों बालकों के लिए दो फल ले आता।
 
That grateful and worshipful bird flying in the sky used to go to the seashore everyday and bring two fruits from there for those two children. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)