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श्लोक  12.139.79 
यस्तु वर्षमविज्ञाय क्षेत्रं कर्षति कर्षक:।
हीन: पुरुषकारेण सस्यं नैवाश्नुते तत:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
जो किसान वर्षा के समय का विचार किए बिना खेत जोतता है, उसका परिश्रम व्यर्थ जाता है; तथा उसे उस जोत से कोई अन्न प्राप्त नहीं होता। 79.
 
A farmer who ploughs his field without considering the timing of the rains, his efforts go waste; and he does not get any grain from that ploughing. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)