Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.139.75: ब्रह्मदत्त बोले, "पूजानि! अविश्वास करने से मनुष्य इस संसार में कभी भी अपनी इच्छित वस्तुएँ प्राप्त नहीं कर सकता, न ही किसी कार्य के लिए प्रयत्न कर सकता है। यदि मन में सदैव एक ही पक्ष का भय बना रहे, तो मनुष्य मृतक के समान हो जाएगा - उसका जीवन धूल में मिल जाएगा।" 75. | mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मदत्त बोले, "पूजानि! अविश्वास करने से मनुष्य इस संसार में कभी भी अपनी इच्छित वस्तुएँ प्राप्त नहीं कर सकता, न ही किसी कार्य के लिए प्रयत्न कर सकता है। यदि मन में सदैव एक ही पक्ष का भय बना रहे, तो मनुष्य मृतक के समान हो जाएगा - उसका जीवन धूल में मिल जाएगा।" 75.
Brahmadatta said, "Pujani! By disbelieving, a man can never achieve his desired things in this world, nor can he make any effort for any work. If fear of one side always remains in the mind, then man will become like a dead person - his life will turn into dust." 75.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥