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श्लोक  12.139.62 
सर्वस्य दयिता: प्राणा: सर्वस्य दयिता: सुता:।
दु:खादुद्विजते सर्व: सर्वस्य सुखमीप्सितम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
हर किसी को अपना जीवन प्यारा है, हर किसी को अपने बच्चे प्यारे हैं, हर कोई दुःख से परेशान होता है और हर कोई सुख पाने की इच्छा रखता है। 62.
 
Everybody loves his life, everybody loves his children, everybody gets upset due to sorrow and everybody desires to attain happiness. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)