Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.139.42: पूजनी बोली, "हे राजन! शत्रुता पाँच कारणों से होती है; विद्वान पुरुष इसे भली-भाँति जानते हैं। 1. स्त्री के लिए, 2. मकान और भूमि के लिए, 3. कटु वचनों के कारण, 4. जाति-द्वेष के कारण और 5. कुछ समय पूर्व किए गए अपराध के कारण। | mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूजनी बोली, "हे राजन! शत्रुता पाँच कारणों से होती है; विद्वान पुरुष इसे भली-भाँति जानते हैं। 1. स्त्री के लिए, 2. मकान और भूमि के लिए, 3. कटु वचनों के कारण, 4. जाति-द्वेष के कारण और 5. कुछ समय पूर्व किए गए अपराध के कारण।
Poojni said, "O King! Enmity happens due to five reasons; learned men know this very well. 1. For a woman, 2. For a house and land, 3. Due to harsh words, 4. Due to caste hatred and 5. Due to a crime committed sometime ago.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥