Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.139.3: दादाजी! आपकी अविश्वास की कहानी सुनकर मेरा मन भ्रमित हो गया है। कृपया मेरा यह संदेह दूर करें।   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.139.3 
एतन्मे संशयं छिन्धि मतिर्मे सम्प्रमुह्यति।
अविश्वासकथामेतामुपश्रुत्य पितामह॥ ३॥
 
 
अनुवाद
दादाजी! आपकी अविश्वास की कहानी सुनकर मेरा मन भ्रमित हो गया है। कृपया मेरा यह संदेह दूर करें।
 
Grandfather! After listening to your story of disbelief my mind is confused. Please remove this doubt of mine.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)