Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.139.26: जब किसी से द्वेष हो जाए, तो उसकी मीठी बातों पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शत्रुता की आग नहीं बुझेगी और जो मूर्ख उस पर विश्वास करता है, वह शीघ्र ही मर जाता है॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सान्त्वे प्रयुक्ते सततं कृतवैरे न विश्वसेत्।
क्षिप्रं स बध्यते मूढो न हि वैरं प्रशाम्यति॥ २६॥
अनुवाद
जब किसी से द्वेष हो जाए, तो उसकी मीठी बातों पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शत्रुता की आग नहीं बुझेगी और जो मूर्ख उस पर विश्वास करता है, वह शीघ्र ही मर जाता है॥ 26॥
When you have animosity with someone, you should never believe his sweet talk because doing so will not extinguish the fire of enmity, and the fool who believes in it will soon die.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥