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mahabharat 12.139.113: हे राजनश्रेष्ठ! मैंने तुम्हें राजा ब्रह्मदत्त और पूज्य पक्षी का वार्तालाप सुनाया है। अब तुम और क्या सुनना चाहते हो?॥113॥   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.113 
एतत् ते ब्रह्मदत्तस्य पूजन्या सह भाषितम्।
मयोक्तं नृपतिश्रेष्ठ किमन्यच्छ्रोतुमिच्छसि॥ ११३॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! मैंने तुम्हें राजा ब्रह्मदत्त और पूज्य पक्षी का वार्तालाप सुनाया है। अब तुम और क्या सुनना चाहते हो?॥113॥
 
O best of kings! I have told you the conversation between King Brahmadatta and the revered bird. What else do you want to hear?॥ 113॥
 
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि आपद्धर्मपर्वणि ब्रह्मदत्तपूजन्यो: संवादे एकोनचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १३९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत आपद्धर्मपर्वमें ब्रह्मदत्त और पूजनीका संवादविषयक एकसौ उनतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)